भारत का भाग्य विधाता कौन !
हम फर्जी तो सरकार भी फर्जी
आजादी के 75 साल में एक ऐसी सरकार भी केंद्र और राज्य में काबिज है जिनके लोग आज खुली आसमान में रहने को मजबूर है |
क्या इस देश के गरीब, मजदूर, बेरोजगार, गरीब किसान आदि नागरिक नहीं है? सत्ता के भूखे भेड़िये जो शुरुआती राजनीति जीवन में कुत्ते की तरह गली गली हाथ जोड़ कर मौका मांगते फिरते थे वो दीं भूल गए ! सडको पर बादाम, जूस, अचार, दलाली करने वाले, सस्ते गल्ले पर सरकारी अनाज बेचने वाले आदि लोग जब माननीय बने तो अपनी ज़मीं की नीवं को ही भूल गए |
देश के प्रधानमंत्री जो 2014 के चुनाव में गरीब का बेटा, चाय बेचने वाला गरीब कहने वाले मोदी जी प्रधानमंत्री बनते ही वो दिन भूल गए जब चाय बेचते थे! रसगुल्ला दिखाकर खुद खाने वाले उन सभी नेताओं को बिकते किसने नहीं देखा है जब पैसो के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मोदी जैसे व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाने का दावेदार बना दिया !
राष्ट्रभक्ति और देशभक्ति दोनों अलग अलग विषय है लेकिन मौजूदा सरकार ने राष्ट्रभक्ति और देशभक्ति दोनों जगह देश का अपमान के सिवा कुछ भी हासिल नहीं कर पाया |
पडोसी देशों के अंदरूनी मामलो में हस्तछेप कर पुरे भारत की छवि ख़राब कर दिया गया तो वही पुलवामा और पहलगाम में बेकसूर सैनिको और नागरिको को मौत के मुँह में धकेल दिया |
जिस दिल्ली की सत्ता के लिए वहां के राज्यपाल को केंद्र ने इस्तेमाल किया आज वही दिल्ली के तमाम झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले सत्ता परिवर्तन पर अपने आप को कोस रहे है|
आज ये विडम्बना देखने को मिल रहा है की 1950 से 2014 तक की सरकार ने जिन गरीब बेसहाराओं को रहने और जीवकोपार्जन के लिए सरकारी भूमि दी आज उसी जमीं को मौजूदा सरकार उनसे छीन रही है जिस पर दो पीढ़ियां गुजर चुकी है|
दिल्ली की घटना के लिए सरकार भी दोषी है| बिना सरकारी इजाजत का कोई बिजली पानी जैसी सुविधा कैसे कोई ले सकता है? सरकार रोड और नाला क्यों बनवाई? अवैध कॉलोनी के नाम पर वोटरकार्ड, रासनकार्ड, पासपोर्ट, आधार और पैन कार्ड जैसा साक्ष्य कैसे बन गया?
अगर ये सब फर्जी है! पूर्ण रूप से अवैध है तो ये दिल्ली की सरकार भी अवैध है!
देश को समझना होगा की हम लोकतंत्र की मास्टर चावी किसे दे रहे है?
जो लोग इस तरह की करतूत को हल्के में ले रहे है एक दिन उनकी भी गर्दन इस जाल में जरूर फसेंगी ! आपके पास चल अचल कितनी संपत्ति है? कितने लोग कमाते हो? सालाना आय पुरे परिवार की कितनी है? कब से रह रहे हो? कितने जगह घर और ज़मीं और फ्लैट है? आदि ये सरकार आपसे एक दिन जरूर जानेगी उसके बाद जो करामात होगा की गरीब हसेगा अमीर रोयेगा ....


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