राजयोग 😂 कुंडली
राजयोग चौकीदार पैंट की जेब से सुर्ती की पुडिया निकालता है हथेली पर सुर्ती और चूना मिलाकर ठोकपीट करने लगता है तभी में जोरदार छींक देता हूँ जोरदार छीक मारते ही
राजयोग चौकीदार बोला ये असली वाला सुर्ती है।
मेरा तो नाक गीला हो ही चुका था
मैने फिर राजयोग चौकीदार से बोला ये सब ट्राली चलाने और माल ढोने वाले खाते है तुम राजा हो प्रजा के सामने तभी आ आ आ क छी😂।
मेरा मित्र बार बार के छींक को बुरा नहीं माना
राजयोग चौकीदार बोला साले ये बल बुद्धि वर्धक चूर्ण है इसे शास्त्री जी खाते थे बाद में प्रधानमंत्री बने😂 मै भी इसीलिए खाता हूँ आज नही तो कल राजा अवश्य बनूंगा।
मैने फिर कहा मित्र सच कहूं अभी भी मान जाओ वाकई में तेरी कुंडली में भारी दोष है😂...
राजयोग चौकीदार मित्र ने कहा भाई अगर मेरी कुंडली में दोष है तो तुम्हे क्या परेशानी है ?
समझाते हुए हमने बोला "तुम मेरे मित्र हो तुमसे मेरा लगाव है तुम्हे इस तरह दिन रात चौकीदारी करते देख मेरा मन दुखी हो जाता है एक तुम हो की चौकीदारी करते हो हमेशा राजा बनने का ख्वाब देखते हो ! भाई राजा बनने के लिए कुछ करना चाहिए न की चौकीदारी
राजयोग चौकीदार- तुम्हारी बात में दम है साला राजा हो कर हम चौकीदारी कर रहे है तुम साले आठ फेल हो कर भी मस्त हो बताओ हमें क्या करना चाहिए !
मैंने बोला " नौकरी को मारो लात, बड़े शहर में चलो करते है कुछ काम "
राजयोग चौकीदार मित्र था बहुत ही होशियार तुरंत मेरे प्रश्न का दिया जवाब " साले वहां भी काम ही करना है तो हम इस जगह क्या कर रहे है ?
प्रश्न दागते ही मैं सहम गया और उसकी बात का जबाव दिया " यार यहाँ कर रहे हो दो कौड़ी की नौकरी, तेरे आगे पीछे नहीं है कोई छोकरी। ... अबे साले ऐसी कमाई किस काम की ? काम ऐसा करो की एक ही दिन में मालामाल हो जाओ | तुम्हारे आगे पीछे नौ नौ रानीयां हों ....
शेर की तरह मेरी तरफ आँख गुरेर दिया
राजयोग चौकीदार मित्र एक तरफ अपने मालिक का घर देखता है तो दूसरी तरफ मेरा लटका हुआ मुहं। .... असमंजस में बोला
राजयोग चौकीदार मित्र बोला - बताओ राजा कैसे बन सकते है !
मैंने बोला - नेता बनो
राजयोग चौकीदार- उससे क्या मिलेगा
मैंने बोला- नेता ही राजा बनेगा उसके लिए सिर्फ जनता के लिए लड़ना होगा आगे होकर बोलना होगा। .. फिर क्या दो चार जगह भाषण दिए नहीं की राजा की तरह लोग तुम्हे पूछने लगेंगे |
राजयोग चौकीदार- यार आज कल बोलने पर लोग पीटने लगते है पुलिस वाले ले जा कर ठोक देते है तुम साले राजा बनाने की बात कर रहे हो या सीधे ऊपर जाने का रास्ता दिखाने आये हो
मैंने बोला -यार राजा बनने के लिए त्याग करना पड़ता , अगर दो चार थप्पड़ लग ही जाये तो क्या हुआ आज कल थप्पड़ भी बड़े भाग्यशाली लोगो को ही लगता है!
राजयोग चौकीदार- तुम साले मित्र के नाम पर धब्बा हो , एक तरफ मेरी नौकरी छोड़वा रहे हो दूसरी तरफ थप्पड़। ...... साले अब तुम जाओ तब से माथा चाट गए हो
मैंने फिर बोला- राजा हो सहनशक्ति भी होना चाहिए या नहीं
राजयोग चौकीदार मित्र- (सर खुजाते हुए) अब तुम जाओ... साले सुबह से कुंडली मार कर माथा चाट रहे हो और मेरे ही कुंडली में दोष निकाल रहे हो... (झुझुला कर बोला )
मैंने बड़े अदब से बोला - मित्र तुम बुरा मान गए बुरा मत मानो। .... तुम ही बताओ तुम किसी पंडित से ही न अपनी कुंडली बनवाये हो
राजयोग चौकीदार- हाँ... लंगटू मिसिर से
मै बोला- कुंडली बनाया पंडित ने, नाम निकाला पंडित ने, गुण निकाला पंडित ने , दोष निकाला पंडित ने अंत में उस दोष का निवारण भी निकाला पंडित ने...
राजयोग चौकीदार - समझ गए मित्र ये साला कुंडली नहीं है ये साला राजयोग मेरे दिमाग का रोग है |
तभी मालिक के गाडी की आवाज़ सुनायी देता है और राजयोग चौकीदार दौड़ते हुए गेट खोलता है सलामी मार कर फिर उसी जेब से सुरति निकालता, ठोकता पीटता है |


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